" *लगभग नि:शब्द वाले हालात हो गए हैं अब हमारे ... !* "
How Green Would Be Our Valley ? !
Local Perspectives With GLOBAL VISION ... !
चम्बा के ओबड़ी मोहल्ला में , ओबड़ी चौक , ओबड़ी ब्रिज ( खज्जियार रोड ) में भयंकट कूड़े - कर्कट , कचरे का ढेर नहीं , बल्कि अब तो तकरीबन पहाड़ी ही बन चुकी है ! किस भाषा में बताएं , किसको बताएं , कहां दाद - फरियाद करें ? !
आज के इंसानों की बस्ती , जो दुनिया कहलाए ,
जो न देखे चैन से बैठे , देखे सो पछताए ,
ऐसा है कुछ आज नज़ारा दुनिया का !
बंद आँखों से देख तमाशा
दुनिया का ... !
इस क्षेत्र में मनुष्य तो क्या , बल्कि जानवरों का जीना भी बहुत दूभर , कठिन , दुष्कर हो रहा है !
अत्यंत ही unhygienic conditions बन चुकी हैं !
म्युनिसिपल कौंसिल , चम्बा के लोगों के कानों पर तो जूँ तक नहीं रेंगती है ! इनके अधिकारियों , कर्मचारियों और सभी संबंधित लोगों का कुशलता और निरंतरता से कार्य करने का रिकॉर्ड तो लगभग शून्य ही है !
किसी भी प्रकार की सूचना देने और शिकायत करने पर उपायुक्त महोदय और एस. डी. एम. महोदय तो तुरंत आदेश और दिशा - निर्देश जारी कर देते हैं |
लेकिन , उसके पश्चात धरातल स्तर पर कोई भी उचित और ठोस कार्य देखने को नहीं मिलता |
प्रागैतिहासिक , पवित्र रावी नदी को भी पूर्ण कर्मठता और कर्मण्यता के साथ दूषित और अपवित्र किया जा रहा है !
ठीक इसी जगह पर m.c. चम्बा का बड़ा डस्टबिन हुआ करता था |
अब नहीं है | इसलिए लोग कूड़े - कचरे को तो ठीक उसी स्थान पर रख रहे हैं | लेकिन , municipal council वाले और अन्य संबंधित विभाग इस जगह से ये कचरा नहीं हटा रहे |
रिपोर्ट : - मुमुक्षु के. ठाकुर




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