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सोमवार, 24 जनवरी 2022

तीन दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का शुभारंभ 1 भाषा एवं संस्कृति विभाग मंडी तथा कला क्षेत्र युवा मंडल द्वारा 23 जनवरी 2022 से 25 जनवरी 2022 तक

 

तीन दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का शुभारंभ 1

 भाषा एवं संस्कृति विभाग मंडी तथा कला क्षेत्र युवा मंडल द्वारा 23 जनवरी 2022 से 25 जनवरी 2022 तक 



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तीन दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का शुभारंभ 1

 भाषा एवं संस्कृति विभाग मंडी तथा कला क्षेत्र युवा मंडल द्वारा 23 जनवरी 2022 से 25 जनवरी 2022 तक सुंदर नगर कला क्षेत्र युवा मंडल एकेडमी भोजपुर में श्रद्धांजलि नामक तीन दिवसीय कथक नृत्य की निशुल्क कार्यशाला लगाई गई 1 यह कार्यशाला श्रद्धांजलि नाम से लगाई है 1 इस कार्यशाला द्वारा कथक नृत्य के प्रसिद्ध गुरु श्री बिरजू महाराज जी तथा गुरु श्री मुन्ना शुक्ला जी को श्रद्धांजलि दी जा रही है 1 दोनों विभूतियां कथक नृत्य के लखनऊ घराने से संबंधित थी और पूरे भारतवर्ष व विदेशों में कथक नृत्य के प्रचार व प्रसार हेतु अग्रसर थी 1 उनके इन्हीं प्रयासों को श्री दिनेश गुप्ता जी अग्रसर हैं 1 हिमाचल प्रदेश में कथक नृत्य का प्रचार व प्रसार हो तथा विद्यार्थी प्राचीन भारतीय संस्कृति कत्थक से रूबरू हो इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है 1 कार्यशाला में लखनऊ घराने की पारंपरिक बंदिशों को कथक नृत्य शैली में सिखाया जा रहा है 1 कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश के प्रथम पुरुष स्नातकोत्तर श्री दिनेश गुप्ता जी व डॉ सुरेंद्र भारद्वाज जी ने प्रारंभ में पंडित बिरजू महाराज जी व गुरु मुन्ना शुक्ला जी के जीवन वृतांत पर प्रकाश डाला तत्पश्चात विद्यार्थियों को भूमि प्रणाम , तत्कार , टुकड़े , तीहाईयां सिखाई 1 कार्यशाला सभी विद्यार्थियों के लिए निशुल्क है तथा इस कार्यशाला में किसी भी आयु के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं1 श्री दिनेश गुप्ता जी ने डॉ सुरेंद्र भारद्वाज जी को कत्थक विशेषज्ञ के रूप में समृति चिन्ह , हिमाचल की शान पहाड़ी टोपी व पौधा दे कर सम्मानित किया 1 तबले पर स्वयं दिनेश गुप्ता जी ने संगत की तथा हारमोनियम पर नगमा श्री मनीष पाराशर जी ने बजाया 1इस मौके पर सभी विद्यार्थियों को फल भी वितरित किए गए l

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उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर तमिलनाडु में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली होनहार छात्रा लावण्या को मतांतरण करने के लिए प्रताड़ित करने के विरोध में तमिलनाडु सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया

   उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर तमिलनाडु में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली होनहार छात्रा लावण्या को मतांतरण करने के लिए प्रताड़ित करने के विरोध में तमिलनाडु सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया



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आज दिनांक 24 जनवरी, 2022 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर तमिलनाडु में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली होनहार छात्रा लावण्या को मतांतरण करने के लिए प्रताड़ित करने के विरोध में तमिलनाडु सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया व इस पर उचित कार्रवाई करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन के बाद उपायुक्त महोदय माध्यम से तमिलनाडु के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया। 


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जिला संयोजक मयंक ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया की सेक्रेड हार्ट्स हाई स्कूल, तंजावुर, तमिलनाडु के छात्रा एम लावण्या की आत्महत्या से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और हमारे देश का पूरा युवा बेहद सदमे और पीड़ा में है। यह हमें क्रोध दिलाता है कि लावण्या को ईसाई मत में जबरन मतांतरण के प्रयास के कारण हुई भयावहता के कारण अपना जीवन समाप्त करना पड़ा, जिसे उसने सचेत अवस्था में रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में गवाही दी थी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पुलिस ने दोषियों को न्याय दिलाने के लिए सक्रिय रूप से काम नहीं किया है। इसपर प्रकाश डालते हुए, और देश भर में कई मिशनरी स्कूलों के तत्वावधान में चल रहे बड़े पैमाने पर मतांतरण का संज्ञान लेते हुए, एबीवीपी मांग करती है कि: सभी ईसाई मिशनरी स्कूलों में संस्थागत इंजीलवाद का अंत किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करने के लिए कि संस्थागत इंजीलवाद का अभ्यास नहीं किया जाता है, चर्चों और मस्जिदों को स्कूलों से अलग करने के लिए एक उचित नियामक ढांचे को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। जबरन धर्मांतरण को एक दंडनीय अपराध बनाया जाना चाहिए और इसलिए मतांतरण विरोधी कानून की बहुत आवश्यकता है और इसे राज्य और पूरे देश में समय पर लागू करना अनिवार्य है। लावण्या और दोषी शिक्षकों पर हो रही क्रूरता को प्रकाश में लाने के लिए उचित और पारदर्शी जांच की जाएगी, इसे तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाना चाहिए।  एक अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड वाले आईपीएस अधिकारी को जांच अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए। 



विद्यार्थी परिषद मांग करती है जल्द से जल्द इस मामले पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए व अगर इस मामले पर जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं की जाती तो विद्यार्थी परिषद अपने आंदोलन को और उग्र करेगी। 




हिमाचल के बेरोजगार युवाओं के लिए कोरोना काल में नौकरियों का पिटारा खुल गया है.

 हिमाचल के महिला पुरुष बेरोजगार युवाओं के लिए कोरोना काल में नौकरियों का पिटारा खुल गया है.




हिमाचल के बेरोजगार युवाओं के लिए कोरोना काल में नौकरियों का पिटारा खुल गया है. हिमाचल प्रदेश की रिक्रूटमेंट एजेंसी एचपीयूसीएल सिलेक्शन एसोसिएशन लिमिटेड ने विभिन्न श्रेणियों के (737) पदों को भरने के लिए इच्छुक महिला व पुरुष उम्मीदवारों से 31 जनवरी 2022 तक ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं. कंपनी के उपनिदेशक अश्वनी कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि, इसमें जूनियर ऑफिस असिस्टेंट, कार्यालय सहायक , एरिया मैनेजर , इंश्योरेंस एडवाइजर, जूनियर इंजीनियर ,अकाउंटेंट फीमेल , पर्सनल एग्जीक्यूटिव, बैंक रिकवरी एग्जीक्यूटिव, सुरक्षा गार्ड, एक्स सर्विसमैन सिक्योरिटी सुपरवाइजर, सिविल गनमैन, ड्राइवर , स्टाफ नर्स जीएनएम , एक्स रे टेक्नीशियन, डार्क्रूम असिस्टेंट , सायकेट्री सोशल वर्कर ,ब्लड बैंक टेक्निशियन, डेंटल मैकेनिक, मॉड्यूलर एग्जीक्यूटिव, फोटोग्राफर , कैटगेर, सीएसएसडी टेक्नीशियन, डॉक्यूमेंलिस्ट, चौकीदार कम हेल्पर, रिसेप्शनिस्ट फीमेल, बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर, सिक्योरिटी ऑफिसर, कंप्यूटर ऑपरेटर, डिस्पैच सीनियर ऑफिसर, आईटीआई ट्रेड ,सेल्स ऑफिसर, क्वालिटी कंट्रोलर, पर्सनल सेक्रेटरी , केयरटेकर फीमेल , सेल्स कोऑर्डिनेटर , रिक्रूटमेंट ऑफिसर एजेंट, फाइनेंस एग्जीक्यूटिव, टेलीकॉलर फीमेल, डिलीवरी एग्जीक्यूटिव , पॉलिटेक्निक डिप्लोमा, प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर, मशीन ऑपरेटर हेल्पर के पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की गई है. प्रदेश के इच्छुक आवेदन करता अपना बायोडाटा फोन नंबर सहित, आधार कार्ड, पैन कार्ड ,लेटेस्ट पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र एजेंसी के व्हाट्सएप नंबर 62304-06027 पर अपना आवेदन भेज सकते हैं. उम्मीदवारों को उनकी योग्यता के आधार पर ही पदनाम दिया जाएगा . इन पदों के लिए आयु सीमा 18 वर्ष से लेकर 45 वर्ष तक निर्धारित की गई है. एजेंसी द्वारा चयनित उम्मीदवारों का मासिक वेतन मान ग्रॉस पे बैंड 11,250/- से लेकर 35,500/- ग्रॉस पे- बैंड राज्य सरकार के न्यूनतम वेतन अधिनियम एक्ट के तहत दिया जाएगा, एवं अन्य वित्तीय लाभ दिए जाएंगे. एजेंसी द्वारा शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की लिखित परीक्षा 6 फरवरी 2022 को उम्मीदवारों के व्हाट्सएप नंबर पर ऑनलाइन ही ली जाएगी. लिखित परीक्षा में हिमाचल सामान्य ज्ञान, एवरीडे साइंस ,कंप्यूटर न्यूमेरिकल एटीट्यूट से संबंधित (140) प्रश्न पूछे जाएंगे. प्रदेश में कोविड-19 को लेकर हिमाचल सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए लिखित परीक्षा ऑनलाइन ही ली जाएगी. उम्मीदवारों का फाइनल चयन लिखित परीक्षा एवं इंटरव्यू के आधार पर ही किया जाएगा. यहां स्पष्ट बता दें कि, शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क 1,870 रुपए सभी श्रेणियों जनरल कैटेगरी, एससी, एसटी ,ओबीसी, स्वतंत्रता सेनानी के वर्गों के लिए निर्धारित किया गया है ,जो कि नॉन रिफंडेबल रहेगा. एजेंसी द्वारा लिखित परीक्षा का परिणाम 27 फरवरी 2022 को एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट www.hpussa.in एवं अन्य समाचार पत्रों पर भी देख सकते हैं. लिखित परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों के इंटरव्यू 3 मार्च 2022 से लेकर 12 मार्च 2022 तक लिए जाएंगे . एजेंसी द्वारा सभी चयनित उम्मीदवारों को मल्टीनेशनल कंपनियों , पावर प्रोजेक्ट, कॉल सेंटर, औद्योगिक क्षेत्र , मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल में जॉइनिंग दी जाएगी. उम्मीदवार अधिकतर जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नंबर 01907-292034 एवं एचआर एग्जीक्यूटिव /भर्ती अधिकारियों के मोबाइल नंबर 9418139918, 94184-17434 पर संपर्क कर सकते हैं.

वाइट अश्विनी कुमार

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रविवार, 23 जनवरी 2022

बर्फ में फंसी गर्भवती महिला को शिमला पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल । हिमाचल में ताज़ा हिमपात की तस्वीरें

 

बर्फ में फंसी गर्भवती महिला को शिमला पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल ।
हिमाचल में ताज़ा हिमपात की तस्वीरें




प्रधानमंत्री ने क्यों कि चम्बा जिले की तारिफ , और मुख्यमंत्री के कामों सराहा गरीब ने सड़क किनारे खड़ा किया था , देखिए शातिरों ने इसका क्या हाल किया

 

प्रधानमंत्री ने क्यों कि चम्बा जिले की तारिफ ,
और मुख्यमंत्री के कामों सराहा

गरीब ने सड़क किनारे खड़ा किया था ,
देखिए शातिरों ने इसका क्या हाल किया




कालका शिमला ट्रैन के सामने हो गया लैंडस्लाइड जहरीली शराब मामले में एक्साइज,बर्फबारी बेघर हुआ परिवार

 

कालका शिमला ट्रैन के सामने हो गया लैंडस्लाइड जहरीली शराब मामले में एक्साइज,बर्फबारी बेघर हुआ परिवार




नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम सुनते ही हर एक भारतीय के अंदर देशभक्ति का जुनून जागने लगता है उनके द्वारा गए बलिदानों को भारत का प्रत्येक नागरिक नमन करता है

 नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम सुनते ही हर एक भारतीय के अंदर देशभक्ति का जुनून जागने लगता है उनके द्वारा गए बलिदानों को भारत का प्रत्येक नागरिक  नमन करता है


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नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम सुनते ही हर एक भारतीय के अंदर देशभक्ति का जुनून जागने लगता है उनके द्वारा गए बलिदानों को भारत का प्रत्येक नागरिक  नमन करता है तथा उन्हें अपना प्रेरणा स्त्रोत मानता है नेता जी 



सुभाष चंद्र बोस, विवेकानंद की शिक्षाओं से अत्यधिक प्रभावित थे और उन्हें अपना आध्यात्मिक गुरु मानते थे, जबकि चित्तरंजन दास  उनके राजनीतिक गुरु थे।



नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का मानना था कि भारत से अंग्रेजी हुकूमत को ख़त्म करने के लिए सशस्त्र विद्रोह ही एक मात्र रास्ता हो सकता है. अपनी इसी विचारधारा पर वह जीवन-पर्यंत चलते रहे और उन्होंने एक ऐसी फौज खड़ी की जो दुनिया में किसी भी सेना को टक्कर देने की हिम्मत रखती थी.



द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने के लिए उन्होंने जापान के सहयोग से आजाद हिन्द फौज का गठन किया था। उनके द्वारा दिया गया जय हिंद का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया है। तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा का नारा भी उनके द्वारा दिया गया था जो अब भी हमारे देश के युवाओं को प्रेरित करती है। भारत में लोग उन्हें 'नेता जी' के नाम से सम्बोधित करते हैं।

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नेताजी ने आजाद हिन्द फौज के नाम अपने अंतिम संदेश में बड़े प्रभावशाली ढंग से यही बात कही थी. ‘‘भारतीयों की भावी पीढ़ियां, जो आप लोगों के महान बलिदान के फलस्वरूप गुलामों के रूप में नहीं, बल्कि आजाद लोगों के रूप में जन्म लेंगी. आप लोगों के नाम को दुआएं देंगी. और गर्व के साथ संसार में घोषणा करेंगी कि अंतिम सफलता और गौरव के मार्ग को प्रसस्त करने वाले आप ही लोग उनके पूर्वज थे”.

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हम यह भी कह सकते हैं उनके शब्द उनका व्यवहार उनका जीवन इस मां भारती के लिए समर्पित था और देश के युवाओं में क्रांति लाने के लिए उन्हें इकट्ठा कर अंग्रेजी हुकूमत पर हमला किया अंग्रेजों के मन में उनका डर इस कदर था   उनका नाम सुनने से ही अंग्रेजों के पसीने छूट जाते थे 

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जिसके  नारे एक ने दुनिया को हिलाया था वही सुभाष चंद्र बोस दुनिया का नेता कह लाया था उस समय की  हुकूमत के साथ टक्कर लेने के लिए बड़े और शक्तिशाली देश भी कतराते थे लेकिन  भारत के इस सपूत ने मातृभूमि का कर्ज चुकाने के लिए और मां के  दूध का फर्ज निभाने के लिए अपने प्राणों तक का भय ना करते हुए अंग्रेजों से दांत तले  चने चवाए !

उनकी लोकप्रियता ना केवल भारत में अपितु पूरे विश्व भर में लोग उन्हें नेताजी के नाम से जानते हैं 

ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी  महान त्यागी ऐसे देवीय पुरुष को हम शत शत नमन करते हैं