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रविवार, 4 जनवरी 2026

सुजानपुर में भव्य हिंदू सम्मेलन: 1700 श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक सहभागिता, आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंज उठा नगर

 सुजानपुर में भव्य हिंदू सम्मेलन: 1700 श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक सहभागिता, आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंज उठा नगर 





बात हिमाचल की, सुजानपुर, बिंदिया ठाकुर 

जिला हमीरपुर के सुजानपुर नगर में आज आयोजित हिंदू सम्मेलन अत्यंत भव्य, अनुशासित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में लगभग 1700 लोगों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली, जिससे संपूर्ण नगर आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता के रंग में रंगा नजर आया।

सम्मेलन की शुरुआत विधिवत हवन-यज्ञ के साथ की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और आहुतियों से वातावरण पवित्र एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से यज्ञ में सहभागिता की और धर्म-संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत की गईं विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं। पारंपरिक गीत, नृत्य और आध्यात्मिक संदेशों से भरपूर प्रस्तुतियों ने जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिन्हें उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।

सम्मेलन में आदरणीय अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ाया।

राजिंदर जी, उत्तर क्षेत्र के सह व्यवस्था प्रमुख ने समाज में संगठन और संस्कारों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

संतोष जी, जिला हमीरपुर की ब्रह्माकुमारी प्रचारक ने आत्मिक शुद्धता और सकारात्मक जीवन मूल्यों पर प्रेरणादायक विचार साझा किए।

वहीं प्रज्ञा जी साध्वी ने सनातन संस्कृति की महत्ता और सामाजिक समरसता पर प्रभावशाली संदेश दिया।

इस विशाल आयोजन की सफलता में स्वयंसेवकों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण की अहम भूमिका रही। विशेष रूप से गृह संपर्क अभियान के माध्यम से जन-जन तक पहुंच बनाकर अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की गई।

कुल मिलाकर, यह हिंदू सम्मेलन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरण और सनातन मूल्यों का सशक्त और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा, जो लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा

वेदों के अनुसार पुत्र कितने प्रकार के होते हैं गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने कहा

 वेदों के अनुसार पुत्र कितने प्रकार के होते हैं गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने कहा 




आगरा।आपको बता दें कि ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज आज राष्ट्रीय कार्यालय ब्रजवासी धाम पर बैठ हुए थे और पुत्र के बारे में जानकारी दी। कहा कि हिन्दू परिवार में विवाहिता स्त्री से उत्पन्न नर सन्तान को पुत्र कहा जाता है। पुत्र को बेटा, लड़का, बालक आदि नामों से भी सम्बोधित किया जाता है।


पुत्र का प्रारम्भिक अर्थ लघु अथवा कनिष्ठ होता। 'पुत्रक' रूप का व्यवहार प्यार भरे सम्बोधन में अपने से छोटे लोगों के लिए होता था। आगे चलकर इस शब्द की धार्मिक व्युत्पत्ति की जाने लगी- "पुत=नरक से, त्र= बचाने वाला।" पुत्रों द्वारा प्रदत्त पिण्ड और श्राद्ध से पिता तथा अन्य पितरों का उद्धार होता है, इसलिए वे पितरों को नरक से त्राण देने वाले माने जाते हैं। धर्मशास्त्र में बारह प्रकार के पुत्रों का उल्लेख पाया जाता है। मनुस्मृति के अनुसार इनका क्रम इस प्रकार है:-


औरस पुत्र

क्षेत्रज पुत्र

दत्तक पुत्र

कृत्रिम पुत्र

गूढज पुत्र

अपविद्ध पुत्र

कानीन पुत्र

सहोढ़ पुत्र

क्रीतक पुत्र

पौनर्भव पुत्र

स्वयंदत्त पुत्र

शौद्र पुत्र


अन्य वेदों ने भी पुत्र को इन 12 श्रेणियों में रखा है इनमें से भी


औरस

क्षेत्रज

दत्त

कृत्रिम

गूढोत्पन्न और 

अपविद्ध - ये छ : पुत्रों से ऋण , पिण्ड , धन की क्रिया , गोत्र साम्य कुल वृति और प्रतिष्ठा रहती है । 


इनके अतिरिक्त-


कानीन

सगोढ़

क्रीत

पौनर्भव

स्वयं दत्त और 

पार्शव 


इनके द्वारा ऋण एवं पिंड आदि का कार्य नहीं होता - ये केवल नामधारी होते हैं व गोत्र एवं कुल से सम्मत नहीं होते।


औरस-:  अपने द्वारा उत्पन्न किया गया पुत्र। प्रकृत पुत्र को ही औरस पुत्र कहा जाता है। हिंदू धर्मानुसार अपने अंश से धर्मपत्नी के द्वारा उत्पन्न पुत्र को औरस पुत्र कहा जाता है।


क्षेत्रज:- पति के नपुंसक , पागल - उन्मत्त या व्यसनी होने पर उसकी आज्ञा से काम वासना रहित पत्नी द्वारा उत्पन्न पुत्र।


दत्तक:- गोद लिया हुआ , माता - पिता द्वारा दूसरे को दिया गया - इसके एवज में कोई धन - अनुग्रह - प्रत कार नहीं प्राप्त किया गया हो।


कृत्रिमः- श्रेष्ठजन , मित्र के पुत्र और मित्र द्वारा दिए गया पुत्र।


गूढ-: वह पुत्र जिसके विषय में यह ज्ञान न हो कि वह गृह में किसके द्वारा लाया गया।

अपविद्ध- :बाहर से स्वयं लाया गया पुत्र।


कानीन- :कुँवारी कन्या से उत्पन्न पुत्र।


सगोढ़ :- गर्भिणी कन्या से विवाह के बाद उत्पन्न पुत्र।


क्रीत:- मूल्य देकर ख़रीदा गया पुत्र।


पुनर्भव:- यह दो प्रकार का होता है - एक कन्या को एक पति के हाथ में देकर , पुन : उससे छीन कर दूसरे के हाथ में देने से जो पुत्र उत्पन्न होता है।


स्वयंदत्त:- दुर्भिक्ष - व्यसन या किसी अन्य कारण से जो स्वयं को किसी अन्य के हाथ में सोंप दे।


पार्शव:-  व्याही गई या क्वाँरी अविवाहिता शूद्रा के गर्भ से ब्राह्मण का पुत्र।


इसके अलावा भी शास्‍त्रों में 4 तरह के पुत्र बताए गए हैं- ऋणानुबंध पुत्र, शत्रु पुत्र, उदासीन पुत्र और सेवक पुत्र।


ऋणानुबंध पुत्र: -जिस भी व्यक्ति से आपने पूर्व जन्म में कोई ऋण लिया हैं, और चुकाया नहीं हैं। वो इस जन्म में आपका पुत्र बनकर आएगा, और तब तक आपका धन बर्बाद करेगा,जब तक कि उसका ऋण चुकता नहीं हो जाता।


शत्रु पुत्र- पिछले जन्म में अगर किसी को दुखी किया हैं या किसी का बुरा किया हैं तो इस जन्म में शत्रु पुत्र बनकर वो जन्म लेगा और बदला लेगा।


उदासीन पुत्र-  ऐसा पुत्र अपने माता पिता से लगाव नहीं रखते। उनके दुख सुख से उन्हें कोई वास्ता नहीं होता। विवाह होते ही अपने माता पिता का त्याग कर देते हैं।


सेवक पुत्र-  यह पुत्र श्रेष्ठ होता हैं। पिछले जन्म में निःस्वार्थ भाव से किसी व्यक्ति या गौ सेवा करने पर , वह व्यक्ति इस जन्म में पुत्र रूप में जन्म लेकर आपकी भी सेवा करता हैं। ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने पूरी जानकारी दी 


गौ पुत्र  :- जो गौ माता की सेवा और रक्षा करता है और पूरा जीवन समर्पित कर देता है संत समाज उसका नाम कर्ण गौ पुत्र के नाम से कर देती है आज ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज का नाम कर्ण उसके बाबा गुरु जगतगुरु बालमुकुंदा चार्य महाराज अयोध्या पीठाधीश्वर और गुरु स्वामी चंदन दास महाराज ने तीन साल पहले एक जनवरी 2023 को सहसराम आश्रम विजय गढ़ी, टूंडला जिला फिरोजाबाद में किया था तथा एक जनवरी 2025 से सभी कार्यकर्ताओं का नाम गौ पुत्र और गौ पुत्री (बेटियों) का नाम कर्ण किया है जो निस्वार्थ भाव से चौबीसों घंटे गौ माताओ की सेवा और रक्षा करने में लगे हुए हैं

* *हिंदुस्तान को गुमराह* *और* *पथभ्रष्ट नहीं किया जाए*

 * *हिंदुस्तान को गुमराह* *और* 

*पथभ्रष्ट नहीं किया जाए*



  {   मुमुक्षु  के. ठाकुर  }


अपने ही लिए वोट / मत पाने के लिए बहुत सारे राजनीतिक दलों की अपनी अनैतिक मजबूरी हो सकती है  | राज्य व देश स्तर पर बहुत सारे नेता लोग ये प्रचार - प्रसार करते रहते हैं कि अमुक क्षेत्र में इतने मुस्लिम , दलित , आदिवासी , अन्य पिछड़ा वर्ग और कई प्रकार के मतदाता हैं  | 

देश को उचित दिशा और सही मार्गदर्शन करने के बजाए लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ माने जाने वाले बहुत सारे टीवी चैनल तथा पत्र - पत्रिकाएं भी राजनीतिक लोगों की हाँ में हाँ मिलाते हुए इसी प्रकार की अवांछित सूचनाएं देने के लिए हर समय आतुर रहते हैं  |

भारत के दक्षिण भाग के कई सारे राजनीतिक लोग भाषा के नाम पर देश को बांटने का कुत्सित प्रयास करते हैं  | 


बहुत सारे टीवी चैनल और उनके संचालक तो उनकी अपनी धूर्तता का विशिष्ट परिचय देते हुए कुछ इस तरह भी चीख - चिल्लाकर कथित समाचार सुनाते - दिखाते हैं  कि " इस स्थान पर इतने मुसलमान रहते हैं " ,  ( इस पूजा पद्धति वाले लोगों की किसी भी जाति का उल्लेख नहीं करते )  ,  फिर सनातन धर्म - संस्कृति पर निर्दयी कुठाराघात करते हुए बकते हैं , कि  "  इतने ब्राह्मण , राजपूत , वैश्य , खत्री , जाट , सिख , दलित , आदिवासी , ओ बी सी  और अन्य वर्गों के लोग पाए जाते हैं  | " 


ऐसे ही भ्रष्ट पत्रकार सनातन धर्म की कई सारी जातियों के बहुत सारे नाम - उपनाम भी गिना डालते हैं  |  इस प्रकार के पत्र - पत्रिकाएं , पत्रकार , टीवी चैनल ,  एंकर , रिपोर्टर को हर सम्भवत: कहीं से तो कोई विशेष लाभ मिलता ही है  |  तभी तो ऐसे लोग पत्रकारिता और लेखन के मूल्यों , मर्यादाओं , नैतिकताओं , नियमों का घोर उल्लंघन करने में तनिक भी लज्जा और संकोच का अनुभव नहीं करते !


पहले पत्रकारिता एक बहुत  गंभीर , पवित्र " मिशन "  हुआ करता था  |  आज के बहुत सारे दुष्ट लोगों ने पत्रकारिता को

 " कमीशन " ( बड़े व्यक्तिगत लाभ ) का धंधा बना डाला है |  बहुत सारे निजी समाचार चैनल तो   निष्पक्ष समाचार सुनाने - दिखाने के बजाय प्रतिदिन

" विशेष समाचार पैकेज " ही चलाते हैं ! 


महान भारत देश जैसे पूर्ण प्रभुतासंपन्न , प्रजातंत्रीय गणराज्य  और निकट भविष्य में पूर्ण समृद्ध बनने वाले राष्ट्र के लिए ऐसे सभी नकारात्मक व सर्वथा अप्रिय उपक्रम बहुत ही घातक और निंदनीय हैं  | 

धर्म , जाति , भाषा , क्षेत्र , लिंग , वर्ग , राज्य , व्यवसाय , कार्यक्षेत्र   और किसी भी अन्य आधार पर हिंदुस्तान के विभाजन के सभी प्रयास सर्वथा अस्वीकार्य हैं  |

भारत व सभी हिन्दुस्थानियों को पथभ्रष्ट होने से बचाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी अनिवार्यता है |   परमपिता परमात्मा सारे समाज व देश को सद्बुद्धि प्रदान करें  | 

                     #


     मुमुक्षु के. ठाकुर  ,  चम्बा

विराट हिन्दू सम्मेलन बद्दी में गूंजी साध्वी प्राची दीदी की ओजस्वी वाणी, सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब

विराट हिन्दू सम्मेलन बद्दी में गूंजी साध्वी प्राची दीदी की ओजस्वी वाणी, सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब 




BHK NEWS HIMACHAL:-:बीबीएन 4 जनवरी कविता शांति गौतम 


नालागढ़ जिले के बद्दी नगर में सकल हिन्दू समाज के तत्वावधान में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन जी एस रिजॉर्ट अमरावती के प्रांगण में किया गया। सम्मेलन में विहिप केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल सदस्या विश्व विख्यात हिन्दू शेरनी साध्वी प्राची दीदी ने मंच से उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को कुटुंब प्रबोधन पर मातृ शक्ति से आग्रह किया कि अपने बच्चों को मोबाइल की बुरी लत मत लगने दो उसके बजाय उन्हें शस्त्र और शास्त्र दोनों का उपयोग करते आना चाहिए। अपने बच्चों को अच्छे संस्कार हमे देने है जो बड़े छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और झांसी की रानी लक्ष्मी बाई जैसे बने वे पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में आकर भारतीय परंपरा ओर संस्कृति से विमुख न हो।* ..साध्वी प्राची दीदी ने कहा कि

अपने बच्चो को हनी सिंह, खान के फेन मत बनाओ उन्हें भगत सिंह के फेन बने ऐसी शिक्षा दो....

संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त हिंदू सम्मेलन का आयोजन में बद्दी नगर  की 10 बस्तियों के लगभग 5100 से अधिक सनातनी लोग उपस्थित रहे। जिसमे साध्वी सरस्वती जी ने कुटुंब प्रबोधन पर मातृ शक्ति से आग्रह किया कि अपने बच्चों को मोबाइल की बुरी लत मत लगने दो उसके बजाय उन्हें शस्त्र और शास्त्र दोनों का उपयोग करते आना चाहिए। अपने बच्चों को अच्छे संस्कार हमे देने है जो बड़े छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और झांसी की रानी लक्ष्मी बाई जैसे बने वे पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में आकर भारतीय परंपरा ओर संस्कृति से विमुख न हो।

      उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर जब बना तब पूरी दुनिया हर्ष उल्लास था। ऐसा ही पूरा वातावरण हमे पुनः निर्मित करना  होगा जिससे कि सरसंघचालक  जी और प्रधानमंत्री जी स्वयं मंच से कहे कि आज से भारत में गौ माता का वध पूर्णतः प्रतिबंधित है।वह दिन हम सबके लिए धन्य होगा.समाज में संघ के कारण समरसता का  वातवरण निर्मत है. सभी मिलकर एक पंगत एक संगत, एक मंदिर एक श्मशान.. में मिलकर सहभागिता  करते है. यह अपने आप में अनुपम उदाहरण है.।.

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख हरीश कुमार ने संघ की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वामी विवेकानंद के पदचिन्हों पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने संघ द्वारा चलाए जा रहे पंच परिवर्तन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें  स्वदेशी का उपयोग करना चाहिए,नागरिक कर्तव्य का पालन करना चाहिए,हमें जाति पाती का भेद मिटाकर सामाजिक समरसता का पालन करना चाहिए।कुटुंब प्रबोधन पर उन्होंने का परिवार का संयुक्त होना वर्तमान की आवश्यकता है। हमें स्व का बोध होना चाहिए । हिंदू समाज को संगठित होने की आवश्यकता है हमे विदेशों में हो रही विधर्मियो द्वारा हिन्दुओं की निर्मम हत्या से सीख लेने की आवश्यकता है। सिख संगत के गुरपाल सहित मंच जिला संघचालक महेश कुमार  कथा प्रवक्ता मौजूद थे।प्रेरणादायी वाणी से संबोधित किया। उनके उद्बोधन के दौरान पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर प्रांत प्रचारक संजय कुमार,जिला कार्यवाह श्रवण कुमार, प्रदेश समरसता प्रमुख प्रचारक जितेन्द्र कुमार, नगर प्रचारक दीपक कुमार,सुरुचि शर्मा,नगर श्योजक विनोद कुमार, नगर कार्यवाह यशकर पाल, श्री राम सेना संयोजक राजेश जिंदल, सरस्वती मंदिर गुलरवाला प्रधानाचार्य अंजू पटियाल, कविता शांति गौतम, वंदना कौशल,आरुषि, राकेश कुमार,प्रदीप कुमार, स्वसहायता संगठन से कपिल शर्मा, स्वर्ण ठाकुर, आ भा वि प से स्वस्तिक गौतम, रवि वर्मा न्यू टाउन, सतीश ढूंढवा, सतीश जैन, संजीव ठाकुर गोलू, पूर्व विधायक परमजीत सिंह, राज संधू,, ऋषि ठाकुर, विचित्र पटियाल,पंकज कुमार, भूमेश कुमार, डा श्री कांत, आशीष, श्री नारायण आदि मौजूद रहे।

बुधवार, 3 दिसंबर 2025

योगराज सिंह क्रिकेट अकादमी के मुख्य कोच अजय शर्मा ने चंडीगढ़ टीम के खिलाफ लगाया शानदार शतक

 योगराज सिंह क्रिकेट अकादमी के मुख्य कोच अजय शर्मा ने चंडीगढ़ टीम के खिलाफ लगाया शानदार शतक


47 गेंदों में बनाए नाबाद 100 रन। 


अजय ने अपने मेंटोर योगराज सिंह को दिया इसका श्रेय। 


अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के उपलक्ष्य पर हिमाचल ओर चंडीगढ़ टीम के मध्य एक T-20 मैत्री मैच खेला गया।



विश्व दिव्यांग दिवस के उपलक्ष्य पर फिजिकली चैलेंज क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ चंडीगढ़ के द्वारा पंजाब यूनिवर्सिटी के क्रिकेट ग्राउंड में हिमाचल ओर चंडीगढ़ टीम के बीच T20  मुकाबला हुआ जिसमें चंडीगढ़ टीम ने पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला लिया और 147 रन का लक्ष्य हिमाचल टीम को दिया जिसमें चंडीगढ़ टीम के  कप्तान लखविंदर ने 54 रन संजय ओर सूरज ने 18,18 रन राजिंदर ने 15 रन बनाए वही गेंदबाजी में हिमाचल की तरफ से गुरमीत धीमान को दो विकेट वही तरुण, सोनम, संजीव को एक एक विकेट मिला। वही लक्ष्य का पीछा करने उतरी हिमाचल की टीम ने मात्र दो विकेट खोकर लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जिसमें हिमाचल के कप्तान अजय शर्मा के द्वारा 47 गेंदों में  नाबाद 100 शतकीय पारी खेली जिसमें 16 चौके और 1 छका लगाया वही युधिष्ठिर नेगी ने भी 20 रन का योगदान अपनी टीम को दिया वही गेंदबाजी में सिर्फ चंडीगढ़ टीम के राजिंदर को एक विकेट मिला। वहीं हिमाचल ने यह मैच 8 विकेट शेष रहते अपने नाम किया। 

 वहीं प्रदेश दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर और सचिव नीरज सैनी  सहित सभी पदाधिकारी ने टीम को शुभकामनाएं दी।

स्कोरकार्ड



शनिवार, 23 अगस्त 2025

हमीरपुर: साईं यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल के छात्र ऋषव ठाकुर का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय डूंगरी में, प्रिंसिपल ने दी बधाई

 हमीरपुर: साईं यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल के छात्र ऋषव ठाकुर का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय डूंगरी में, प्रिंसिपल ने दी बधाई




हमीरपुर।

साईं यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल कलंझडी देवी स्थित खरोह के छात्र रिशव ठाकुर का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय डूंगरी के लिए हुआ है। इस उपलब्धि पर स्कूल प्रिंसिपल सुनीता ठाकुर ने रिशव ठाकुर का मुंह मीठा करवा कर बधाई दी और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की। रिशव ठाकुर के पिता राजेंद्र कुमार प्राइवेट नौकरी करते हैं। जबकि माता सुमन देवी ग्रहणी है रिशव ठाकुर निवासी सराहकड तहसील व जिला हमीरपुर से संबंध रखते हैं और बचपन से ही पढ़ाई में काफी होनहार है और जवाहर नवोदय विद्यालय की परीक्षा उत्तीर्ण करके रिशव ठाकुर ने अपने बौद्धिकता का परिचय दिया है और अपने माता-पिता का क्षेत्र और स्कूल का नाम रोशन किया है और स्कूल के दूसरे छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना है। स्कूल प्रिंसिपल सुनीता ठाकुर ने स्कूल के अन्य बच्चों को भी रिशव ठाकुर से पढ़ाई के क्षेत्र में प्रेरणा लेकर इस तरह से आगे बढ़ने और अपने स्कूल में माता-पिता का नाम रोशन करने का आह्वान किया है और कहा कि बच्चों को विद्यार्थी जीवन में ही अनुशासित होकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दिन-रात मेहनत करने चाहिए और सच्ची लगन के साथ बच्चे अगर विद्यार्थी जीवन में ही अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संघर्ष करेंगे। तो मंजिल अवश्य प्राप्त होगी। आज का दौर कंपटीशन का दौर है और हर कदम-कदम पर कंपटीशन देखने को मिल रहा है। इसलिए बच्चों को अपने आप को वर्तमान के परिवेश की पढ़ाई के माहौल को देखकर तैयार करने का उन्होंने आह्वान किया और कहा कि बच्चे सोशल मीडिया में अपना समय बर्बाद ना करके अपना पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पर फोकस करें और जो भी पढ़ाई के दौरान छोटी-छोटी कठिनाइयां आ रही है। उनका समय पर ही अपने शिक्षकों के साथ चर्चा करके  डाउट्स को क्लियर करें ताकि आगे चलकर बड़ी कक्षा में बच्चों को कोई भी परेशानियां पेश न आ सके।



मंगलवार, 19 अगस्त 2025

डॉ. रोनित ठाकुर ने पहले प्रयास में पास की एफएमजीई परीक्षा भारत की सबसे कठिन लाइसेंस परीक्षा पास कर हिमाचल का नाम किया रोशन।

 डॉ. रोनित ठाकुर ने पहले प्रयास में पास की एफएमजीई परीक्षा


भारत की सबसे कठिन लाइसेंस परीक्षा पास कर हिमाचल का नाम किया रोशन।




सुंदरनगर मंडी।


कुछ लोगों की सफलता की यात्रा लंबी पढ़ाई और मेहनत से तय होती है, लेकिन मंडी जिला के सुंदर नगर के चमुखा पंचायत के पढेर निवासी डॉ. रोनित ठाकुर की राह और भी कठिन थी । एक वैश्विक महामारी, युद्ध का मैदान और ऐसी परीक्षा, जिसे पास करना देश के डॉक्टरों के लिए भी बड़ी चुनौती माना जाता है।

हाल ही में हुई फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्ज़ामिनेशन (FMGE) में 37,207 अभ्यर्थियों में से केवल 7,452 ही पास हो पाए। यानी महज़ 18% की पासिंग दर, जो पिछले सत्र के लगभग 30% से काफी कम है। यह अब तक के सबसे कठिन FMGE सत्रों में से एक माना गया। कई उम्मीदवार इसे पास करने के लिए सालों तक, 2–3 बार से लेकर 10 बार तक प्रयास करते हैं। ऐसे में, रोनित का इसे पहले ही प्रयास में पास करना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और संघर्ष की मिसाल है।



रोनित ने अपनी मेडिकल पढ़ाई की शुरुआत यूक्रेन के माईकोलाइव स्थित पेत्रो मोहिला ब्लैक सी नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से की। COVID-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन कक्षाओं और पाबंदियों के बीच पढ़ाई जारी रखी। फिर, 2022 की शुरुआत में यूक्रेन में युद्ध छिड़ गया। लगातार 3–4 दिनों तक गोलाबारी और सायरनों की आवाज़ के बीच गुज़रते हुए। अंततः उन्हें और अन्य छात्रों को सुरक्षित भारत लाया गया।

बहुत से लोग यहीं हार मान लेते, लेकिन रोनित ने अपने सपने को टूटने नहीं दिया। उन्होंने जॉर्जिया की राजधानी त्बिलिसी स्थित काकेशस यूनिवर्सिटी में स्थानांतरण लिया और वहाँ अपनी पढ़ाई पूरी कर फरवरी 2025 में MBBS की डिग्री हासिल की।रोनित के अनुसार



“महामारी ने सहनशक्ति की परीक्षा ली और युद्ध ने हमारे साहस की। मैंने ठान लिया था कि कोई भी बाधा मुझे डॉक्टर बनने से नहीं रोक सकती। FMGE को इसके सबसे कठिन सत्र में पास करना, वर्षों की मेहनत और परिवार, शिक्षकों व शुभचिंतकों के अटूट सहयोग का परिणाम है,” रोनित ने गर्व से कहा।

उनके पिता सुरजीत कुमार जो कि बीबीएमबी स्कूल सलापड से प्रवक्ता के पद से सेवा निवृत हैं और माता सुनीता भल्ला जोकि मेडिकल कॉलेज नेरचौक से नर्सिंग सुपरीटेंडेंट के पद से सेवानिवृत है और वर्तमान में अभिलाषी यूनिवर्सिटी में एमपीएचडब्ल्यू विभाग में एचओडी के पद पर सेवारत है, ने बेटे की इस सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि हमें हमेशा विश्वास था कि चाहे जीवन में कितनी भी मुश्किलें आएं, रोनित अपने लक्ष्य तक ज़रूर पहुंचेगा।

FMGE पास करने के बाद, डॉ. रोनित ठाकुर अब भारत में अनिवार्य इंटर्नशिप शुरू करेंगे, जहाँ वे अपने समुदाय की सेवा न केवल चिकित्सा कौशल से बल्कि उस करुणा, साहस और धैर्य से करेंगे, जो उनकी इस अद्भुत यात्रा ने उन्हें सिखाया है।

रोनित का बड़ा भाई कुनाल ठाकुर सिविल इंजीनियरिंग में एमटेक करने के बाद जीरकपुर में एक कंपनी में मार्केटिंग के पद पर सेवारत है।