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रविवार, 4 जनवरी 2026

“सनातन की हुंकार सुजानपुर से—घर-घर जागृति, एकजुटता ही भारत की सुरक्षा : राजेन्द्र राणा ”

 “सनातन की हुंकार सुजानपुर से—घर-घर जागृति, एकजुटता ही भारत की सुरक्षा : राजेन्द्र राणा ”



बात हिमाचल की, सुजानपुर, बिंदिया ठाकुर। 

सुजानपुर के ऐतिहासिक मैदान में आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन ने सनातन चेतना का प्रचंड संदेश दिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्रीय व्यवस्था प्रमुख राजेन्द्र राणा ने बतौर मुख्य वक्ता कहा कि सनातन को बचाने के लिए हम सबको आगे आना होगा। भारत माता की जय बोलने के साथ-साथ भारत के लिए समर्पित होना होगा और इसकी शुरुआत अपने घर से करनी होगी।

राजेन्द्र राणा ने कहा कि पश्चिमी सभ्यता का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, जिससे समाज में अपनापन कमजोर हुआ है, लेकिन यह संतोषजनक है कि हिंदू समाज अब जाग रहा है। जिस प्रकार से जागृति फैल रही है, उससे स्पष्ट है कि आने वाले समय में सनातन संस्कृति और अधिक सशक्त होकर सामने आएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि हिंदू सम्मेलन का उद्देश्य केवल आयोजन नहीं, बल्कि लोगों को जागृत करना, जोड़ना और एकजुट करना है, क्योंकि यह सिद्ध हो चुका है कि एकजुट रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे, बिखरे तो कमजोर पड़ेंगे।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं और शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। इन सभी कार्यक्रमों का लक्ष्य हिंदुओं को अपने मूल्यों, संस्कारों और दायित्वों का बोध कराना है। उन्होंने नववर्ष पर देवस्थलों में उमड़ी भारी भीड़ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संकेत है कि देश सनातन पथ की ओर लौट रहा है।

राजेन्द्र राणा ने जन-जन से आह्वान किया कि अपने घरों में ऐसा वातावरण बनाएं, जहां पश्चिमी सभ्यता का अंधानुकरण प्रवेश न कर पाए। परिवार के साथ भोजन, सुबह-शाम प्रभु सिमरन, आरती और पूजा-पाठ को जीवन का हिस्सा बनाएं, ताकि बच्चों को अपने संस्कार, सिद्धांत और उद्देश्य का स्पष्ट ज्ञान हो। उन्होंने कहा, भारत माता की जय कहना आसान है, लेकिन भारत को बचाने के लिए आगे आना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है।


सम्मेलन में संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति रही। माता ज्वाला जी, जिला कांगड़ा से लाई गई पवित्र जोत के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हुए। प्रसाद वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ शुभारंभ और राष्ट्रीय गान के साथ समापन हुआ।


वैदिक मित्रों के साथ विधिवत पूजा-पाठ एवं हवन का आयोजन किया गया। मध्य मैदान में बने हवन कुंड में राजपुरोहित आशुतोष शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन आहुतियां डलवाईं।

“सनातन की रक्षा के लिए हर घर से उठे जागरण की लौ, एकजुट रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे : राजेन्द्र जी (RSS)”

 “सनातन की रक्षा के लिए हर घर से उठे जागरण की लौ, एकजुट रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे : राजेन्द्र जी (RSS)”



बात हिमाचल की, सुजानपुर, बिंदिया ठाकुर।

सुजानपुर के ऐतिहासिक मैदान में आयोजित भव्य हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्रीय व्यवस्था प्रमुख राजेन्द्र जी ने सनातन संस्कृति की रक्षा और समाज की एकजुटता पर ज़ोर दिया। मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “सनातन को बचाने के लिए हम सबको आगे आना होगा। भारत माता की जय कहना गर्व की बात है, लेकिन भारत के लिए समर्पित होना उससे भी बड़ा दायित्व है।”

उन्होंने कहा कि पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव से समाज में अपनापन कम हुआ है, लेकिन आज हिंदू समाज जाग रहा है, जो शुभ संकेत है। आने वाले समय में यह जागृति और मजबूत होगी। सम्मेलन का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और एकजुट करना है, क्योंकि यह सिद्ध हो चुका है कि “एकजुट रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे, बंटे तो कमजोर पड़ेंगे।”

राजेन्द्र जी ने आह्वान किया कि सनातन की शुरुआत अपने घर से करें—परिवार के साथ भोजन करें, सुबह-शाम प्रभु सिमरन, आरती और पूजा-पाठ की परंपरा अपनाएं, ताकि बच्चों को अपनी संस्कृति, सिद्धांत और उद्देश्य का बोध हो। उन्होंने कहा कि संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में कार्यक्रम हो रहे हैं, जिनका लक्ष्य हिंदू समाज को जागृत करना है।

सम्मेलन में संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति रही। माता ज्वाला जी, जिला कांगड़ा से लाई गई पवित्र जोत के दर्शन हुए, प्रसाद वितरित किया गया, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मध्य मैदान में हवन कुंड बनाकर राजपुरोहित आशुतोष शर्मा द्वारा हवन आहुतियां दिलवाई गईं। कार्यक्रम वंदे मातरम् से आरंभ होकर राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।


सुजानपुर के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने रविवार को मनिहाल पंचायत के नव-निर्मित पंचायत भवन का विधिवत लोकार्पण कर उसे पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों को समर्पित किया।

 सुजानपुर के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने रविवार को मनिहाल पंचायत के नव-निर्मित पंचायत भवन का विधिवत लोकार्पण कर उसे पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों को समर्पित किया।



बात हिमाचल की, सुजानपुर, बिंदिया ठाकुर।

विधायक के पंचायत भवन परिसर में पहुंचने पर स्थानीय पंचायत प्रधान शारदा देवी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर गांववासियों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुष्पमालाएं पहनाकर तथा ढोल-नगाड़ों के साथ विधायक का भव्य स्वागत किया।

लोकार्पण अवसर पर विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने पूजा-अर्चना एवं हवन-यज्ञ कर पंचायत भवन का शुभारंभ किया। इसके पश्चात पंचायत प्रधान द्वारा उन्हें शॉल एवं टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंचायत प्रधान शारदा देवी ने कहा कि मनिहाल को पंचायत भवन की सौगात विधायक कैप्टन रणजीत सिंह के प्रयासों से ही प्राप्त हुई है, जिसके लिए समस्त ग्रामवासी उनके आभारी हैं।

विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज पंचायत भवन के भूतल का उद्घाटन किया गया है तथा आने वाले समय में इसकी द्वितीय मंजिल का निर्माण कार्य भी शीघ्र आरंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मनिहाल क्षेत्र में विकास कार्यों की कोई कमी नहीं रहने दी गई है। अब तक लगभग 20 से 30 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि पंचायत भवन का कुल बजट 1 करोड़ 16 लाख रुपये है, जिसमें से लगभग 40 लाख रुपये व्यय किए जा चुके हैं।

इस अवसर पर विधायक ने कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि पस्तल क्षेत्र में किसानों की फसलों को सुरक्षित रखने के लिए बाढ़-बंदी करवाई जाएगी। साथ ही क्षेत्र के एक शहीद के सम्मान में शहीदी गेट का निर्माण भी किया जाएगा।

सुजानपुर में भव्य हिंदू सम्मेलन: 1700 श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक सहभागिता, आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंज उठा नगर

 सुजानपुर में भव्य हिंदू सम्मेलन: 1700 श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक सहभागिता, आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंज उठा नगर 





बात हिमाचल की, सुजानपुर, बिंदिया ठाकुर 

जिला हमीरपुर के सुजानपुर नगर में आज आयोजित हिंदू सम्मेलन अत्यंत भव्य, अनुशासित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में लगभग 1700 लोगों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली, जिससे संपूर्ण नगर आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता के रंग में रंगा नजर आया।

सम्मेलन की शुरुआत विधिवत हवन-यज्ञ के साथ की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और आहुतियों से वातावरण पवित्र एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से यज्ञ में सहभागिता की और धर्म-संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत की गईं विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं। पारंपरिक गीत, नृत्य और आध्यात्मिक संदेशों से भरपूर प्रस्तुतियों ने जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिन्हें उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।

सम्मेलन में आदरणीय अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ाया।

राजिंदर जी, उत्तर क्षेत्र के सह व्यवस्था प्रमुख ने समाज में संगठन और संस्कारों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

संतोष जी, जिला हमीरपुर की ब्रह्माकुमारी प्रचारक ने आत्मिक शुद्धता और सकारात्मक जीवन मूल्यों पर प्रेरणादायक विचार साझा किए।

वहीं प्रज्ञा जी साध्वी ने सनातन संस्कृति की महत्ता और सामाजिक समरसता पर प्रभावशाली संदेश दिया।

इस विशाल आयोजन की सफलता में स्वयंसेवकों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण की अहम भूमिका रही। विशेष रूप से गृह संपर्क अभियान के माध्यम से जन-जन तक पहुंच बनाकर अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की गई।

कुल मिलाकर, यह हिंदू सम्मेलन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरण और सनातन मूल्यों का सशक्त और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा, जो लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा

वेदों के अनुसार पुत्र कितने प्रकार के होते हैं गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने कहा

 वेदों के अनुसार पुत्र कितने प्रकार के होते हैं गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने कहा 




आगरा।आपको बता दें कि ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज आज राष्ट्रीय कार्यालय ब्रजवासी धाम पर बैठ हुए थे और पुत्र के बारे में जानकारी दी। कहा कि हिन्दू परिवार में विवाहिता स्त्री से उत्पन्न नर सन्तान को पुत्र कहा जाता है। पुत्र को बेटा, लड़का, बालक आदि नामों से भी सम्बोधित किया जाता है।


पुत्र का प्रारम्भिक अर्थ लघु अथवा कनिष्ठ होता। 'पुत्रक' रूप का व्यवहार प्यार भरे सम्बोधन में अपने से छोटे लोगों के लिए होता था। आगे चलकर इस शब्द की धार्मिक व्युत्पत्ति की जाने लगी- "पुत=नरक से, त्र= बचाने वाला।" पुत्रों द्वारा प्रदत्त पिण्ड और श्राद्ध से पिता तथा अन्य पितरों का उद्धार होता है, इसलिए वे पितरों को नरक से त्राण देने वाले माने जाते हैं। धर्मशास्त्र में बारह प्रकार के पुत्रों का उल्लेख पाया जाता है। मनुस्मृति के अनुसार इनका क्रम इस प्रकार है:-


औरस पुत्र

क्षेत्रज पुत्र

दत्तक पुत्र

कृत्रिम पुत्र

गूढज पुत्र

अपविद्ध पुत्र

कानीन पुत्र

सहोढ़ पुत्र

क्रीतक पुत्र

पौनर्भव पुत्र

स्वयंदत्त पुत्र

शौद्र पुत्र


अन्य वेदों ने भी पुत्र को इन 12 श्रेणियों में रखा है इनमें से भी


औरस

क्षेत्रज

दत्त

कृत्रिम

गूढोत्पन्न और 

अपविद्ध - ये छ : पुत्रों से ऋण , पिण्ड , धन की क्रिया , गोत्र साम्य कुल वृति और प्रतिष्ठा रहती है । 


इनके अतिरिक्त-


कानीन

सगोढ़

क्रीत

पौनर्भव

स्वयं दत्त और 

पार्शव 


इनके द्वारा ऋण एवं पिंड आदि का कार्य नहीं होता - ये केवल नामधारी होते हैं व गोत्र एवं कुल से सम्मत नहीं होते।


औरस-:  अपने द्वारा उत्पन्न किया गया पुत्र। प्रकृत पुत्र को ही औरस पुत्र कहा जाता है। हिंदू धर्मानुसार अपने अंश से धर्मपत्नी के द्वारा उत्पन्न पुत्र को औरस पुत्र कहा जाता है।


क्षेत्रज:- पति के नपुंसक , पागल - उन्मत्त या व्यसनी होने पर उसकी आज्ञा से काम वासना रहित पत्नी द्वारा उत्पन्न पुत्र।


दत्तक:- गोद लिया हुआ , माता - पिता द्वारा दूसरे को दिया गया - इसके एवज में कोई धन - अनुग्रह - प्रत कार नहीं प्राप्त किया गया हो।


कृत्रिमः- श्रेष्ठजन , मित्र के पुत्र और मित्र द्वारा दिए गया पुत्र।


गूढ-: वह पुत्र जिसके विषय में यह ज्ञान न हो कि वह गृह में किसके द्वारा लाया गया।

अपविद्ध- :बाहर से स्वयं लाया गया पुत्र।


कानीन- :कुँवारी कन्या से उत्पन्न पुत्र।


सगोढ़ :- गर्भिणी कन्या से विवाह के बाद उत्पन्न पुत्र।


क्रीत:- मूल्य देकर ख़रीदा गया पुत्र।


पुनर्भव:- यह दो प्रकार का होता है - एक कन्या को एक पति के हाथ में देकर , पुन : उससे छीन कर दूसरे के हाथ में देने से जो पुत्र उत्पन्न होता है।


स्वयंदत्त:- दुर्भिक्ष - व्यसन या किसी अन्य कारण से जो स्वयं को किसी अन्य के हाथ में सोंप दे।


पार्शव:-  व्याही गई या क्वाँरी अविवाहिता शूद्रा के गर्भ से ब्राह्मण का पुत्र।


इसके अलावा भी शास्‍त्रों में 4 तरह के पुत्र बताए गए हैं- ऋणानुबंध पुत्र, शत्रु पुत्र, उदासीन पुत्र और सेवक पुत्र।


ऋणानुबंध पुत्र: -जिस भी व्यक्ति से आपने पूर्व जन्म में कोई ऋण लिया हैं, और चुकाया नहीं हैं। वो इस जन्म में आपका पुत्र बनकर आएगा, और तब तक आपका धन बर्बाद करेगा,जब तक कि उसका ऋण चुकता नहीं हो जाता।


शत्रु पुत्र- पिछले जन्म में अगर किसी को दुखी किया हैं या किसी का बुरा किया हैं तो इस जन्म में शत्रु पुत्र बनकर वो जन्म लेगा और बदला लेगा।


उदासीन पुत्र-  ऐसा पुत्र अपने माता पिता से लगाव नहीं रखते। उनके दुख सुख से उन्हें कोई वास्ता नहीं होता। विवाह होते ही अपने माता पिता का त्याग कर देते हैं।


सेवक पुत्र-  यह पुत्र श्रेष्ठ होता हैं। पिछले जन्म में निःस्वार्थ भाव से किसी व्यक्ति या गौ सेवा करने पर , वह व्यक्ति इस जन्म में पुत्र रूप में जन्म लेकर आपकी भी सेवा करता हैं। ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने पूरी जानकारी दी 


गौ पुत्र  :- जो गौ माता की सेवा और रक्षा करता है और पूरा जीवन समर्पित कर देता है संत समाज उसका नाम कर्ण गौ पुत्र के नाम से कर देती है आज ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज का नाम कर्ण उसके बाबा गुरु जगतगुरु बालमुकुंदा चार्य महाराज अयोध्या पीठाधीश्वर और गुरु स्वामी चंदन दास महाराज ने तीन साल पहले एक जनवरी 2023 को सहसराम आश्रम विजय गढ़ी, टूंडला जिला फिरोजाबाद में किया था तथा एक जनवरी 2025 से सभी कार्यकर्ताओं का नाम गौ पुत्र और गौ पुत्री (बेटियों) का नाम कर्ण किया है जो निस्वार्थ भाव से चौबीसों घंटे गौ माताओ की सेवा और रक्षा करने में लगे हुए हैं

* *हिंदुस्तान को गुमराह* *और* *पथभ्रष्ट नहीं किया जाए*

 * *हिंदुस्तान को गुमराह* *और* 

*पथभ्रष्ट नहीं किया जाए*



  {   मुमुक्षु  के. ठाकुर  }


अपने ही लिए वोट / मत पाने के लिए बहुत सारे राजनीतिक दलों की अपनी अनैतिक मजबूरी हो सकती है  | राज्य व देश स्तर पर बहुत सारे नेता लोग ये प्रचार - प्रसार करते रहते हैं कि अमुक क्षेत्र में इतने मुस्लिम , दलित , आदिवासी , अन्य पिछड़ा वर्ग और कई प्रकार के मतदाता हैं  | 

देश को उचित दिशा और सही मार्गदर्शन करने के बजाए लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ माने जाने वाले बहुत सारे टीवी चैनल तथा पत्र - पत्रिकाएं भी राजनीतिक लोगों की हाँ में हाँ मिलाते हुए इसी प्रकार की अवांछित सूचनाएं देने के लिए हर समय आतुर रहते हैं  |

भारत के दक्षिण भाग के कई सारे राजनीतिक लोग भाषा के नाम पर देश को बांटने का कुत्सित प्रयास करते हैं  | 


बहुत सारे टीवी चैनल और उनके संचालक तो उनकी अपनी धूर्तता का विशिष्ट परिचय देते हुए कुछ इस तरह भी चीख - चिल्लाकर कथित समाचार सुनाते - दिखाते हैं  कि " इस स्थान पर इतने मुसलमान रहते हैं " ,  ( इस पूजा पद्धति वाले लोगों की किसी भी जाति का उल्लेख नहीं करते )  ,  फिर सनातन धर्म - संस्कृति पर निर्दयी कुठाराघात करते हुए बकते हैं , कि  "  इतने ब्राह्मण , राजपूत , वैश्य , खत्री , जाट , सिख , दलित , आदिवासी , ओ बी सी  और अन्य वर्गों के लोग पाए जाते हैं  | " 


ऐसे ही भ्रष्ट पत्रकार सनातन धर्म की कई सारी जातियों के बहुत सारे नाम - उपनाम भी गिना डालते हैं  |  इस प्रकार के पत्र - पत्रिकाएं , पत्रकार , टीवी चैनल ,  एंकर , रिपोर्टर को हर सम्भवत: कहीं से तो कोई विशेष लाभ मिलता ही है  |  तभी तो ऐसे लोग पत्रकारिता और लेखन के मूल्यों , मर्यादाओं , नैतिकताओं , नियमों का घोर उल्लंघन करने में तनिक भी लज्जा और संकोच का अनुभव नहीं करते !


पहले पत्रकारिता एक बहुत  गंभीर , पवित्र " मिशन "  हुआ करता था  |  आज के बहुत सारे दुष्ट लोगों ने पत्रकारिता को

 " कमीशन " ( बड़े व्यक्तिगत लाभ ) का धंधा बना डाला है |  बहुत सारे निजी समाचार चैनल तो   निष्पक्ष समाचार सुनाने - दिखाने के बजाय प्रतिदिन

" विशेष समाचार पैकेज " ही चलाते हैं ! 


महान भारत देश जैसे पूर्ण प्रभुतासंपन्न , प्रजातंत्रीय गणराज्य  और निकट भविष्य में पूर्ण समृद्ध बनने वाले राष्ट्र के लिए ऐसे सभी नकारात्मक व सर्वथा अप्रिय उपक्रम बहुत ही घातक और निंदनीय हैं  | 

धर्म , जाति , भाषा , क्षेत्र , लिंग , वर्ग , राज्य , व्यवसाय , कार्यक्षेत्र   और किसी भी अन्य आधार पर हिंदुस्तान के विभाजन के सभी प्रयास सर्वथा अस्वीकार्य हैं  |

भारत व सभी हिन्दुस्थानियों को पथभ्रष्ट होने से बचाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी अनिवार्यता है |   परमपिता परमात्मा सारे समाज व देश को सद्बुद्धि प्रदान करें  | 

                     #


     मुमुक्षु के. ठाकुर  ,  चम्बा

विराट हिन्दू सम्मेलन बद्दी में गूंजी साध्वी प्राची दीदी की ओजस्वी वाणी, सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब

विराट हिन्दू सम्मेलन बद्दी में गूंजी साध्वी प्राची दीदी की ओजस्वी वाणी, सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब 




BHK NEWS HIMACHAL:-:बीबीएन 4 जनवरी कविता शांति गौतम 


नालागढ़ जिले के बद्दी नगर में सकल हिन्दू समाज के तत्वावधान में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन जी एस रिजॉर्ट अमरावती के प्रांगण में किया गया। सम्मेलन में विहिप केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल सदस्या विश्व विख्यात हिन्दू शेरनी साध्वी प्राची दीदी ने मंच से उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को कुटुंब प्रबोधन पर मातृ शक्ति से आग्रह किया कि अपने बच्चों को मोबाइल की बुरी लत मत लगने दो उसके बजाय उन्हें शस्त्र और शास्त्र दोनों का उपयोग करते आना चाहिए। अपने बच्चों को अच्छे संस्कार हमे देने है जो बड़े छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और झांसी की रानी लक्ष्मी बाई जैसे बने वे पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में आकर भारतीय परंपरा ओर संस्कृति से विमुख न हो।* ..साध्वी प्राची दीदी ने कहा कि

अपने बच्चो को हनी सिंह, खान के फेन मत बनाओ उन्हें भगत सिंह के फेन बने ऐसी शिक्षा दो....

संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त हिंदू सम्मेलन का आयोजन में बद्दी नगर  की 10 बस्तियों के लगभग 5100 से अधिक सनातनी लोग उपस्थित रहे। जिसमे साध्वी सरस्वती जी ने कुटुंब प्रबोधन पर मातृ शक्ति से आग्रह किया कि अपने बच्चों को मोबाइल की बुरी लत मत लगने दो उसके बजाय उन्हें शस्त्र और शास्त्र दोनों का उपयोग करते आना चाहिए। अपने बच्चों को अच्छे संस्कार हमे देने है जो बड़े छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और झांसी की रानी लक्ष्मी बाई जैसे बने वे पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में आकर भारतीय परंपरा ओर संस्कृति से विमुख न हो।

      उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर जब बना तब पूरी दुनिया हर्ष उल्लास था। ऐसा ही पूरा वातावरण हमे पुनः निर्मित करना  होगा जिससे कि सरसंघचालक  जी और प्रधानमंत्री जी स्वयं मंच से कहे कि आज से भारत में गौ माता का वध पूर्णतः प्रतिबंधित है।वह दिन हम सबके लिए धन्य होगा.समाज में संघ के कारण समरसता का  वातवरण निर्मत है. सभी मिलकर एक पंगत एक संगत, एक मंदिर एक श्मशान.. में मिलकर सहभागिता  करते है. यह अपने आप में अनुपम उदाहरण है.।.

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख हरीश कुमार ने संघ की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वामी विवेकानंद के पदचिन्हों पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने संघ द्वारा चलाए जा रहे पंच परिवर्तन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें  स्वदेशी का उपयोग करना चाहिए,नागरिक कर्तव्य का पालन करना चाहिए,हमें जाति पाती का भेद मिटाकर सामाजिक समरसता का पालन करना चाहिए।कुटुंब प्रबोधन पर उन्होंने का परिवार का संयुक्त होना वर्तमान की आवश्यकता है। हमें स्व का बोध होना चाहिए । हिंदू समाज को संगठित होने की आवश्यकता है हमे विदेशों में हो रही विधर्मियो द्वारा हिन्दुओं की निर्मम हत्या से सीख लेने की आवश्यकता है। सिख संगत के गुरपाल सहित मंच जिला संघचालक महेश कुमार  कथा प्रवक्ता मौजूद थे।प्रेरणादायी वाणी से संबोधित किया। उनके उद्बोधन के दौरान पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर प्रांत प्रचारक संजय कुमार,जिला कार्यवाह श्रवण कुमार, प्रदेश समरसता प्रमुख प्रचारक जितेन्द्र कुमार, नगर प्रचारक दीपक कुमार,सुरुचि शर्मा,नगर श्योजक विनोद कुमार, नगर कार्यवाह यशकर पाल, श्री राम सेना संयोजक राजेश जिंदल, सरस्वती मंदिर गुलरवाला प्रधानाचार्य अंजू पटियाल, कविता शांति गौतम, वंदना कौशल,आरुषि, राकेश कुमार,प्रदीप कुमार, स्वसहायता संगठन से कपिल शर्मा, स्वर्ण ठाकुर, आ भा वि प से स्वस्तिक गौतम, रवि वर्मा न्यू टाउन, सतीश ढूंढवा, सतीश जैन, संजीव ठाकुर गोलू, पूर्व विधायक परमजीत सिंह, राज संधू,, ऋषि ठाकुर, विचित्र पटियाल,पंकज कुमार, भूमेश कुमार, डा श्री कांत, आशीष, श्री नारायण आदि मौजूद रहे।