अलवर में आवासीय लॉटरी की जांच पर उठे सवाल, रिपोर्ट में देरी से बढ़ी पारदर्शिता की मांग।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):-अलवर- गरीबों के लिए आवासीय योजनाओं की लॉटरी प्रक्रिया से जुड़े मामले में गठित जांच समिति की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जांच निर्धारित समय सीमा में पूरी नहीं होने से मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के पत्र और नगरीय विकास एवं आवासन विभाग (यूडीएच) के निर्देशों के बाद यूआईटी सचिव द्वारा जांच समिति का गठन किया गया था। समिति ने ०8 अप्रैल से जांच शुरू की, लेकिन 18 जून तक न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई और न ही मामले में किसी स्पष्ट कार्यवाही की जानकारी सामने आई।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जिस जांच को 15 दिनों में पूरा किया जाना था, वह दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लंबित है। उनका आरोप है कि जांच की धीमी प्रगति से मामले की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न हो रहा है।
मामले में गठित जांच समिति तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। साथ ही यह भी मांग की जा रही है कि जांच रिपोर्ट शीघ्र सार्वजनिक कर तथ्यों को सामने लाया जाए, ताकि आमजन का सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर विश्वास बना रहे।
हालांकि, संबंधित विभाग या जांच समिति की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के लिए प्रशासनिक पक्ष और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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