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शुक्रवार, 6 जनवरी 2023

आंगनवाड़ी और मिड डे मील यूनियन ने सांसद प्रतिभा सिंह को भेजा ज्ञापन

 आंगनवाड़ी और मिड डे मील यूनियन ने सांसद प्रतिभा सिंह को भेजा ज्ञापन


BHK NEWS HIMACHAL 

मंडी:सीटू से सबंधित आंगनवाड़ी और मिड डे मील वर्करज यूनियन ने अपनी मांगों के बारे मंडी लोकसभा क्षेत्र की सांसद प्रतिभा सिंह को उनके निजि सचिव  सोनम नेगी के माध्यम से गांधी भवन मंडी स्थित कार्यालय में सौंपा।जिसका नेतृत्व आंगनवाड़ी यूनियन की ज़िला प्रधान हमिन्द्री शर्मा महासचिव सुमित्रा ठाकुर,सुदर्शना, बिमला,गोदावरी और मिड डे मील यूनियन के राज्य अध्यक्ष सतीश कुमार, संतोष कुमारी, गुरुबन्ति, रमेश कुमार, बक्शी राम, मैना देवी, गायत्री देवी,बबली आदि ने किया और सीटू के ज़िला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह महासचिव राजेश शर्मा और गुरुदास वर्मा और गोपेन्द्र शर्मा भी इस अवसर पर मौजूद रहे।यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि आज देश भर में आंगनबाड़ी, मिड डे मील और आशा यूनियनों ने अपने अपने सांसदों के माध्यम से केंद्र सरकार को माँगपत्र भेजे और केंद्र सरकार से न्यूनतम वेतन 26हज़ार रुपये करने, इन स्कीम वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने, पेंशन सुविधा उपलब्ध कराने, ग्रेच्युटी और अन्य रिटायरमेंट लाभ देने की मांग की है।उन्होंने 45 वें श्रम सम्मेलन की सिफ़ारिशों को लागू करने की भी मांग की गई जिसमें इन सभी स्कीम वर्करों को मज़दूर घोषित करने का निर्णय लिया गया था लेकिन उसे केंद्र सरकार ने अभी तक लागू नहीं किया है।जिसके कारण इन लाखों महिला स्कीम वर्करों को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल रहा है।आंगनवाड़ी यूनियन ने नए पोषण ट्रैकर और नई शिक्षा नीति को रद्द करने की भी मांग की है और आंगनवाड़ी केंद्रों को ही प्री नर्सरी केंद्र घोषित करने की मांग की है।स्कूलों में दिए जा रहे दोपहर के भोजन के लिए बजट में बृद्धि की जाए और सभी स्कूलों में न्यूनतम दो दो मिड डे मील वरकरों की भर्ती की जाए तथा पच्चीस बच्चों की शर्त हटाई जाए।सीटू के ज़िला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्धारा जो मज़दूर विरोधी श्रम कानूनों में बदलाव किए जा रहे हैं उन्हें तुरंत निरस्त किया जाये।उन्होंने प्रदेश में बनी नई सरकार से इन मज़दूर विरोधी सहिंताओं को लागू न करने की भी मांग की है।उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो आगामी 5 अप्रैल को संसद मार्च आयोजित किया जाएगा जिसमें लाखों वर्करज भाग लेंगे।



लेदा में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता दिवस का आयोजन रिवालसर अजय सूर्या :- हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक वित्तीय साक्षरता केंद्र मण्डी द्वारा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सौजन्य से गांव लेदा तहसील बल्ह जिला मण्डी में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक जिला कार्यालय मंडी से वित्तीय साक्षरता समन्वयक राकेश ठाकुर ने किया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने में वित्तीय साक्षरता का बहुत योगदान है। इसकी वजह से आपका वर्तमान ही नहीं, भविष्य भी सुरक्षित होता है। दुसरे शब्दों में कहें तो पैसे कैसे कमाये , बचाये और खर्च करें , इनकी जानकारी को वित्तीय साक्षरता कहते हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता का मूल उद्देश्य यह है कि आपके पास जो भी वित्तीय साधन है उसका कैसे सदुपयोग कर सके। वित्तीय रूप से साक्षर व्यक्ति अपने साथ-साथ देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वित्तीय साक्षरता की कमी की वजह से अक्सर निवेशकों को शेयर मार्केट में ज्यादा जोखिम लगता है। पहले लोग ब्रोकर्स, एजेंट, बिचौलियों से बचते थे। सही और संपूर्ण जानकारी के अभाव में व्यक्ति कई बार ठगा भी जाता था। इसके चलते लोग अपना पैसा अक्सर एफडी या फिर सेविंग्स अकाउंट में ही रखते थे। टेक्नोलॉजी ने अब काफी कुछ बदल दिया है। अब हर प्रकार के इन्वेस्टमेंट प्रॉडक्ट्स ऑनलाइन उपलब्ध हैं। किसी के बारे में भी जानकारी घर बैठे, तुरंत मिल जाती है। वित्तीय रूप से साक्षर होने से आप अनुमान लगा सकते हैं की कहाँ निवेश करने में कितना जोखिम है और क्या आप उतना जोखिम उठा सकते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि हमें जल्दी पैसा बनाने की फर्जी स्कीमों से बचना चाहिए। कई बार ठग वित्तीय सलाहकार बन कर या फिर किसी कंपनी के कर्मचारी बन कर ऐसे लुभावने ऑफर या स्कीम बताते हैं जिसमे आदमी फँस जाता है। जिन लोगों की वित्तीय साक्षरता कम होती है वो अक्सर ऐसी ठगी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से उपस्थित लोगों को नाबार्ड और बैंक की डॉक्युमेंट्री भी दिखाई तथा बैंक और नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं की जानकारियां भी दी। इस मौके पर निरीक्षक कलेक्टर कम डिप्टी रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं मण्डी श्री कमलेश कुमार ने नाबार्ड और बैंक द्वारा चलाये जा रहे वित्तीय कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और अपने पैसों का सही प्रबंधन सिखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता का मूल मंत्र है समाज के कमजोर वर्गों का आर्थिक उत्थान करना और ये तभी संभव हो पायेगा जब हम सब मिल कर प्रयास करेंगे। शिविर में श्री टेक चंद सेवानिवृत प्रधानाचार्य , चंदू लाल प्रधान सहकारी सभा बैर कोट , रजत गुप्ता सचिव , राम सिंह प्रधान ग्राम पंचायत बैर कोट , करम सिंह उप प्रधान ग्राम पंचायत सहित गांव के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

 लेदा में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता दिवस का आयोजन 



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रिवालसर अजय सूर्या :-  हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक वित्तीय साक्षरता केंद्र मण्डी  द्वारा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सौजन्य से गांव लेदा तहसील बल्ह  जिला मण्डी में एक दिवसीय  वित्तीय साक्षरता शिविर  का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन  हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक जिला कार्यालय मंडी से वित्तीय साक्षरता समन्वयक राकेश ठाकुर ने किया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने में वित्तीय साक्षरता का बहुत योगदान है। इसकी वजह से आपका वर्तमान ही नहीं, भविष्य भी सुरक्षित होता है। दुसरे शब्दों में कहें तो  पैसे कैसे कमाये , बचाये और खर्च करें , इनकी जानकारी को वित्तीय साक्षरता कहते हैं। उन्होंने कहा कि  वित्तीय साक्षरता का मूल उद्देश्य  यह है कि आपके पास जो भी वित्तीय साधन  है उसका कैसे सदुपयोग कर  सके। वित्तीय रूप से साक्षर व्यक्ति अपने  साथ-साथ देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा  सकते हैं। वित्तीय साक्षरता की कमी की वजह से अक्सर निवेशकों को शेयर मार्केट में ज्यादा जोखिम लगता है। पहले लोग ब्रोकर्स, एजेंट, बिचौलियों से बचते थे। सही और संपूर्ण जानकारी के अभाव में व्यक्ति कई बार ठगा भी जाता था। इसके चलते लोग अपना पैसा अक्सर एफडी या फिर सेविंग्स अकाउंट में ही रखते थे। टेक्नोलॉजी ने अब काफी कुछ बदल दिया है। अब हर प्रकार के इन्वेस्टमेंट प्रॉडक्ट्स ऑनलाइन उपलब्ध हैं। किसी के बारे में भी जानकारी घर बैठे, तुरंत मिल जाती है। वित्तीय रूप से साक्षर होने से आप अनुमान लगा सकते हैं की कहाँ निवेश करने में कितना जोखिम है और क्या आप उतना जोखिम उठा सकते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि हमें जल्दी पैसा बनाने की फर्जी स्कीमों से बचना चाहिए।  कई बार ठग वित्तीय सलाहकार बन कर या फिर किसी कंपनी के कर्मचारी बन कर ऐसे लुभावने ऑफर या स्कीम बताते हैं जिसमे आदमी फँस जाता है। जिन लोगों की वित्तीय साक्षरता कम होती है वो अक्सर ऐसी ठगी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से उपस्थित लोगों को नाबार्ड और बैंक की डॉक्युमेंट्री   भी दिखाई तथा बैंक और नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं की जानकारियां भी दी।   


इस मौके पर निरीक्षक कलेक्टर कम डिप्टी रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं मण्डी श्री कमलेश कुमार ने नाबार्ड और बैंक द्वारा चलाये जा रहे वित्तीय कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और अपने पैसों का सही प्रबंधन सिखने में मदद मिलेगी।  उन्होंने कहा कि सहकारिता का मूल मंत्र है समाज के कमजोर वर्गों का आर्थिक उत्थान करना और ये तभी संभव हो पायेगा जब हम सब मिल कर प्रयास करेंगे।


शिविर में श्री टेक  चंद सेवानिवृत प्रधानाचार्य , चंदू लाल प्रधान सहकारी सभा बैर कोट , रजत गुप्ता सचिव , राम सिंह प्रधान ग्राम पंचायत बैर कोट , करम सिंह उप प्रधान ग्राम पंचायत सहित गांव के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।



गुरुवार, 5 जनवरी 2023

*पुस्तकालय में हीटर नहीं,ठंड में ठिठुर रहे प्रदेश के सबसे पुराने विश्वविद्यालय के छात्र*

 

*पुस्तकालय में हीटर नहीं,ठंड में ठिठुर रहे प्रदेश के सबसे पुराने विश्वविद्यालय के छात्र*






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आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई हिमाचल प्रदेश के कार्यकर्ताओं द्वारा विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में आ रही समस्याओं को  लेकर विश्वविद्यालय की इकाई द्वारा पुस्तकालय प्रभारी ज्ञापन सौंपा गया| विश्वविद्यालय इकाई मंत्री इंदर नेगी जी ने बताया कि सर्दी के मौसम मे विश्वविद्यालय पुस्तकालय में जो बच्चे पढ़ने आते हैं  उनके लिए मुख्य रूप से कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही है पुस्तकालय में किसी विभाग मे हीटर की उचित व्यवस्था विश्वविद्यालय प्रशासन नही दे पा रही है जिसके कारण पुस्तकालय मे पड़ने वाले छात्र सर्दी  मे बीमार पड़ रहे हैं जिसकी वजह से उनकी पढाई मे बाधा उत्पन्न हो रही है, 

पुस्तकालय मे सभी पावर पॉइंट्स खराब है जिसके कारण छात्रों को कई समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर कोई सुध नहीं ले रही है। पुस्तकालय मे नई एडिशन की बुक्स  ना होने के कारण छात्रों को पढ़ने मे समस्या का सामना करना पड़ रहा है। 


 आने वाले कुछ समय में नेट , TGT, PGT व अन्य परीक्षाएं भी होने वाली है तो विद्यार्थी परिषद ने उस में मुख्य रूप से यह मांग रखी की पुस्तकालयों का समय बढ़ाकर 10:00 से 7:00 बजे  तक किया जाए । 

इकाई मंत्री इंद्र नेगी ने बताया की जिस विश्वविद्यालय  ने प्रदेश को  मुख्यमंत्री दिया ,वहीं उसी विश्वविद्यालय मे पड़ने वाले छात्रों को अनवरत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 

विद्यार्थी परिषद की मांगो को जल्द से जल्द पूरा नही किया गया तो विद्यार्थी परिषद आने वाले समय मे वि .वि . प्रशासन के खिलाफ़ आंदोलन करके अपनी मांगो को पूरा करेगी। 



अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई सचिव - इंदर नेगी

भुंतर व गड्सा आंगनवाड़ी वृतों में विकलांगता पहचान कार्यशाला आयोजित।

 भुंतर व गड्सा आंगनवाड़ी वृतों में विकलांगता पहचान कार्यशाला आयोजित।



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आश बाल विकास केन्द्र द्वारा भुंतर व गड्सा आंगनवाड़ी वृतों मे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक दिन की  कार्यशाला का अयोजन किया गया। जिस अवसर पर श्री सुरेन्द्र सिंह   पर्यवेक्षक वृत भुंतर -1   तथा    श्रीमती निर्मला जी पर्यवेक्षक वृत गड्सा मुख्य रुप से कार्यशाला में उपस्थित रहे। उन्होंने महत्पूर्ण जानकारी देने के लिए संस्था का धन्यवाद जताया। इस कार्यशाला में  साम्फ़िया फ़ाउंडेशन द्वारा दिव्यांगता के क्षेत्र में दी जाने बाली सेवाओं के बारे में जानकारी दी । 

 बीजू, कार्यक्रम प्रबंधक  ने साम्फ़िया फ़ाउंडेशन द्वारा चलायी जा रही सभी गतिविधीयों पर प्रकाश डाला और साथ ही जानकारी देते हुए बताया कि साम्फ़िया फ़ाउंडेशन दिव्यंगता के क्षेत्र में जागरूकता लाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम चला है जिसके तहत ज़िला के सभी शिक्षण संस्थानों,सार्वजनिक कार्यक्रमों,एवं त्योहारों आदि में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने प्रस्तावित हैं ।


वहीँ डॉ. रेखा ठाकुर फिजियोथैरेपिस्ट ने सभी को विभिन्न तरह की दिव्यंगता तथा थेरेपी सेवाओं जैसे:-फिजियोथैरेपी,ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी एवं स्पेशल एजुकेशन के विषय में जानकारी दी  साथ ही दिव्यांगता के प्रकारों के बारे में तथा दिव्यांग बच्चों की पहचान कैसे की जा सकती है के बारे में जानकारी प्रदान की | 


इस कार्यशाला में लगभग 52 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं  ने हिस्सा लिया।




अजय सूर्या की रिपोर्ट

सहकारी बैंक वित्तीय साक्षरता केंद्र मण्डी द्वारा वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया

 सहकारी बैंक वित्तीय साक्षरता केंद्र मण्डी  द्वारा वित्तीय साक्षरता शिविर  का आयोजन किया गया





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लोकेशन : कांगू 

आज दिनांक 05-01 -2023 को हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक वित्तीय साक्षरता केंद्र मण्डी द्वारा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सौजन्य से गांव कांगू उप तहसील डहर जिला मण्डी में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक जिला कार्यालय मंडी से वित्तीय साक्षरता समन्वयक श्री राकेश ठाकुर ने किया। उन्होंने कहा कि भारत में आबादी का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र में रहता है और इसलिए ग्रामीण वित्तीय गतिविधियों को विकसित करना महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि सरकार ने नाबार्ड की स्थापना की। जनसंख्या का 60% कृषि उत्पादों पर निर्भर करता है लेकिन फिर भी, किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की स्थिति अभी भी पीछे है। अपना जीवन यापन करने के लिए, ग्रामीण लोगों को किसी विशेष कार्य को करने के लिए या तो ऋण या सही दिशा की आवश्यकता होती है, लेकिन दोनों ही तरीकों में उनकी कमी होती है। नाबार्ड जिसका कार्य ग्रामीण लोगों को ऋण सहायता प्रदान करना है।

 उन्होंने कहा कि डिजिटल पेमेंट ने हर किसी की जिंदगी को आसान बना दिया है। पहले लोगों को बैंक जाकर फंड ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को पूरा करना पड़ता था। लेकिन अब डिजिटल पेमेंट के जरिए सब कुछ काफी आसान हो गया है। भारत में ज्यादातर बैंकों, निजी कंपनियों और सरकारी विभागों ने डिजिटल पेमेंट सेवा को अपनाया है। जिसके जरिए बड़ी आसानी से ऑनलाइन फंड ट्रांसफर भी हो जाता है और सभी तरह के रिकॉर्ड रखने में आसानी भी होती है। उन्होंने कहा के भारत में डिजिटल पेमेंट करने के कई माध्यम आज की तारीख में मौजूद हैं जिसमें मुख्यतः नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर, रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट, इमीडिएट मोबाइल पेमेंट सर्विस, डिजिटल वॉलेट (फ़ोन पे , गूगल पे , पेटीएम ) और यू पी आयी है। उन्होंने बैंक और नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी उपस्थित लोगों को दी। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से उपस्थित लोगों को नाबार्ड और बैंक की डॉक्युमेंट्री भी दिखाई। 

इस मौके पर निरीक्षक श्री कलेक्टर कम डिप्टी रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं मण्डी श्री कमलेश कुमार ने कहा कि नाबार्ड द्वारा केंद्रीय प्रायोजित योजना के द्वारा देश की सभी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है। जिसमे मंडी ज़िले की 125 पात्र समितियों की सूची भेजी गयी है। उन्होंने कहा के सहकारी क्षेत्र लाखों युवाओं को रोज़गार दे रहा है। उन्होंने सहकारी सभाओं से अपील की कि वो अपने कार्य में विविधीकरण लायें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचा सकें। उन्होंने सहकारिता को मजबूत करने के लिए महिलाओं और नौजवानों की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही। 

शिविर में ग्राम पंचायत कांगू के प्रधान श्री रोशन लाल , सहकारी सभा के सचिव श्री हरी सिंह , ललित कुमार , संजय कुमार ,महिला मंडलों के सदस्यगण सहित गांव के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।


बी एच के न्यूज़ हिमाचल के लिए अजय सूर्या की रिपोर्ट

मनरेगा में ऑनलाईन हाज़री का सीटू ने किया विरोध निर्धारित 120 दिनों का रोज़गार न मिलने पर खंड स्तर पर होंगे प्रदर्शन

 मनरेगा में ऑनलाईन हाज़री का सीटू ने किया विरोध

 निर्धारित 120 दिनों का रोज़गार न मिलने पर खंड स्तर पर होंगे प्रदर्शन


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मंडी:सीटू से सबंधित मनरेगा एवं निर्माण मज़दूर यूनियन ज़िला कमेटी मंडी की बैठक आज सीटू ऑफिस मंडी में आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता ज़िला अध्यक्ष गुरुदास वर्मा ने की। बैठक में राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह और सह सचिव राजेश शर्मा विशेष तौर पर उपस्थित हुए।बैठक में निर्णय लिया गया कि केंद्र की मोदी सरकार द्धारा मनरेगा योजना के बजट में की गई कटौती के कारण मज़दूरों को निर्धारित 120 दिनों का रोज़गार नहीं मिल रहा है और इस वित्त वर्ष में अभी तक 25-30 दिनों का ही रोज़गार मिल पाया है।केंद्र सरकार ने जो नया सिकुएर सॉफ्टवेयर लागू किया है उसमें अधिकतम कार्यो की सीमा निर्धारित कर दी है और इसमें सामग्री के ख़र्चे समय पर अपलोड नहीं हो रहे हैं जिसके कारण जो काम पूरे भी हो चुके हैं वे भी इसमें अधूरे शो हो रहे हैं और नए कार्यों की सेंक्शन नहीं मिल रही है।इसके अलावा अब केंद्र सरकार ने सभी सामुदायिक कार्यों में मज़दूरों की ऑनलाईन हाज़री का आदेश जारी किया है उससे समस्या और ज़्यादा बढ़ गई है।कियूंकि मनरेगा का कार्य करने के लिए मज़दूरों को अलग अलग स्थानों पर भेजा जाता है और उस स्थिति में उनकी दो बार ऑनलाईन हाज़री लगाना संभव नहीं है और कई स्थानों पर तो नेटवर्क न होने के कारण हाज़री का फ़ोटो अपलोडिंग में समस्या आती है। नए साफ्टवेयर के अनुसार जब तक पिछले कार्य पूर्ण न हों तब तक नए कार्यों को स्वीकृति नहीं दी जा रही है और अभी तक ज़िला मंडी में पचास करोड़ रुपये की अदायगी लंबित हो गई है इसके अलावा सीमेंट की सप्लाई में भी देरी से हो रही है। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मनरेगा महदूरों को पूर्व भाजपा सरकार निर्धारित 350 रु मज़दूरी के बजाये 212 रु ही अदा कर रही थी और उनका शोषण कर रही थी।उन्होंने नई सरकार से अपने चुनावी वायदे के अनुसार मज़दूरों को 350 रु देने की मांग की है।इसके अलावा मज़दूरों को काम करने के लिए औज़ार भी नहीं दिए जाते हैं और उन्हें घरों से लाकर काम करना पड़ता है।इसके अलावा प्रदेश में बनी नई सरकार ने 12 दिसंबर को एक पत्र जारी करकर मनरेगा मज़दूरों को राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड का सदस्य बनने और बोर्ड से मिलने वाले लाभों से वँचित कर दिया है।जिसके चलते अब मज़दूरों को अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए तथा विवाह शादी के लिए मिलने वाली सहायता राशी मिलना बंद हो गई है।इसके अलावा चिकित्सा, प्रसूता व पेंशन इत्यादि की सहायता भी बन्द हो गई है।राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बोर्ड के सचिव ने पूर्व भाजपा सरकार के समय के एक पत्र को आधार बनाकर वर्तमान सरकार के समय जारी कर दिया है जबकि नई सरकार बनने की प्रक्रिया अभी तक भी पूर्ण नहीं हुई है।अभी तक बोर्ड के नए चेयरमैन नियुक्त नहीं हुए हैं बाबजूद उसके बोर्ड के सचिव ने अपने स्तर पर ही मनरेगा मज़दूरों के लाभ बन्द करने का फ़ैसला किया है जिसका यूनियन ने उसी दिन विरोध कर दिया था लेकिन अभी न तो श्रम मंत्री कोई है और न ही बोर्ड का कोई अध्यक्ष है जिसकारण मनरेगा मज़दूरों के लाभ रुक गए हैं।उन्होंने कहा कि यूनियन मंत्रिण्डल गठित होने पर श्रम मंत्री को माँगपत्र सौंपेगी और 15 जनवरी से मनरेगा मज़दूरों की मांगों के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू करेगी तथा निर्धारित 120 दिनों का रोज़गार लेने के लिए सभी मज़दूरों से सामूहिक आवेदन करवाये जाएंगे जिन्हें30- 31 जनवरी को खण्ड विकास अधिकारियों को सौंपा जायेगा।बैठक में यूनियन के महासचिव गोपेन्द्र शर्मा, दिनेश काकू, करतार सिंह चौहान,रविकांत, सत्या देवी, आलमु कुमारी,नर्वदा, लता, लक्ष्मी दत्त, रोशन लाल, मुरारी लाल, ललित कुमार, गुलशन कुमार, वेदराम, लीला मणि, राजेन्द्र कुमार, प्यारे लाल, जीवन सिंह आदि ने भाग लिया



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जान दे देंगे पर बल्ह एयरपोर्ट के लिए अपनी उपजाऊ जमीन नहीं देंगे: अध्यक्ष, प्रेमदास चौधरी,

जान दे देंगे पर बल्ह एयरपोर्ट के लिए अपनी उपजाऊ जमीन नहीं देंगे: अध्यक्ष, प्रेमदास चौधरी, 


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जान दे देंगे पर बल्ह एयरपोर्ट के लिए अपनी उपजाऊ जमीन नहीं देंगे: अध्यक्ष, प्रेमदास चौधरी,  बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति  

आज दिनांक 5  जनबरी को बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति की कंसा मैदान मैं प्रस्तावित हवाई अड्डे को लेकर गाँव सियांह एवं टाब्ना के किसानो की  संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया बैठक में सामाजिक सर्वे के की और से एस आर एशिया के अधिकारी अजय सिंह विशेष रूप से शामिल रहे, अध्यक्ष, प्रेमदास चौधरी एक मांग पत्र सोंपा और जोर देकर  कहा की हम जान दे देंगे पर बल्ह एयरपोर्ट के लिए अपनी उपजाऊ जमीन नहीं देंगे और जानना चाहा कि  सामाजिक सर्वे  टीम में जो प्रश्न किसानों से पूछे रहे हे उनका बल्ह के किसानों के सामाजिक एवं आर्थिक (नकदी फसलों एवं सामाजिक स्थिति) का ब्यौरा कोई मेल नहीं खाता और मांग की जाती हे की सर्वे  की प्रश्नावली को स्थानीय आधार पर ब्योरा लिया जाये ताकि जनता की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का सही मूल्यांकन किया जा सके I

सचिव नन्दलाल वर्मा ने कहा कि इस क्षेत्र के किसान कृषि पर निर्भर हैं,इसके साथ ही साथ दूसरे प्रदेशों से जो मजदूर आते हैं उन्हें भी रोजगार उपलब्ध कराया है। बहु-फसलीय क्षेत्र होने के साथ साथ पानी से भी लबालब होने से दूसरे गांव को भी पानी की  सप्लाई करता है। नकदी फसलें उगाकर यहां का नौजवान अपना और अपने परिवार का पेट पाल रहा है। इस क्षेत्र में विभिन्न जातियों,धर्मों के लोग आपस में मिलजुलकर रहते हैं अगर यहां से विस्थापित होंगे तो क्या दूसरी जगह स्थापित नहीं हो  पाएंगे, दूसरी तरफ भूमि के सर्कल रेट इतने कम हे की कोड़ियो के भाव में जमीन ले ली जाएगी, 2018 में जो जमीन के सर्किल रेट थे उनको क्यों कम कर दिया  गया हे, केबल  सियांह/टाबा के रेट जो 2018 में 59.34 प्रति बीघा था  उनको 2021 में 9.50 लाख बीघा कर दिया गया, आज बैठक में बीजेपी के कुछ समर्थक भी आये लेकिन उसमें ज्यादातर बाहर के लोग थे  जिनका इस हवाई अड्डे से कुछ भी लेना देना नहीं था केवल  बीजेपी के सथानीय विधायक के कहने पर एअरपोर्ट का समर्थन करते देखे गए I

पूर्व प्रधान श्यामलाल  चौधरी ने कहा कि प्रस्तावित हवाई अड्डे से 12000 जनसँख्या मुख्यता जिसमे दलित व पिछड़ा बर्ग शामिल हे , 2500 मकान, 400 करोड़ नकदी फसले(टमाटर,गोभी आदि)/कृषि उत्पादन, 300 व्यापारिक दुकाने, हजारों पशुधन व दूध उत्पादन ,15 सिंचाई व्यवस्था व पीने के पानी, टावर लाइन, बिजली ,सम्पर्क मार्ग,  स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चे, सरकारी व गेर सरकारी शिक्षण संस्थान,मन्दिर,गुरुद्वारा, डयोडा जंगल ब उसके सामुदायक अधिकार, लाखों छोटे-बड़े पेड़,कृषि उद्योग, कृषि मशीनरी आदि सब ख़तम हो जाएगी, अत: मांग की जाती हे कि हवाईअड्डे को गेर उपजाऊ जमीन पर बनाया जाये I

बैठक में बल्ह बचायो किसान संघर्ष समिति,जिसमे प्रधान, प्रेम चौधरी,  सचिव, नन्द लाल वर्मा के इलावा, पूर्व प्रधान श्याम लाल,  भवानी सिंह, हरीराम, पन्ना लाल, जगदीश, अमरसिंह वालिया, बलदेव चौधरी , कैप्टन प्रेमदास, नन्दलाल, ने हिस्सा लिया I